Type Of Operating System In Hindi - ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

दोस्तों मैं आपको अपनी पिछली पोस्ट में ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है इसके बारे में बताया था। अब मै आप को type of operating system मतलब ऑपरेटिंग सिस्टम कितने तरह के होते है इनके बारे में पूरी अच्छे से जानकारी दूंगा। 


Type Of Operating System In Hindi
ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

जैसा की आप जानते है की ऑपरेटिंग  सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो यूजर, एप्लीकेशन और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच इंटरफ़ेस का काम करता है। और कंप्यूटर का हर एक resours पूरी अच्छी तरह से यूज़ हो और कंप्यूटर का performance अच्छा रहे इन सब की जिम्मेदारी ऑपरेटिंग सिस्टम की ही होती है। 

अगर हम बात ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार के बारे में करे तो इसको 3 category में बता गया है। 

  1. उपयोग के आधार पर 
  2. कार्य करने के आधार पर और 
  3. विकास क्रम के आधार पर 

अब हम  इन तीनो केटेगरी को पूरी डिटेल में जानेगे तो चलिए शुरू करते है type of operating system in Hindi . सबसे पहले हम जानते है उपयोग के आधार पर। 

उपयोग के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम

  उपयोगकर्ता  के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम को 2 भागो में बाटा गया है। 

1. Single User Operating System 

सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा सिस्टम होता है जिस सिस्टम पर एक यूजर बैठ कर एक समय में केवल एक ही काम कर सकता है।  अक्सर इस तरह के सिस्टम घर या ऑफिस में उपयोग किये जाते है। 

यह ऑपरेटिंग सिस्टम भी दो तरह का होता है single task और multitask .इसको हम नेटवर्क में भी कनेक्ट कर सकते लेकिन फिर भी इसको केवल एक समय में एक आदमी ही उपयोग कर सकता है। सिंगल टास्क ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में केवल एक ही एप्लीकेशन को run कर सकता है इसलिए इसका उपयोग ऐसे कंप्यूटर या डिवाइस में नहीं हो सकता जिसमे एक समय पर एक से अधिक प्रोग्राम चलने हो। 

मल्टी टास्क सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिंगल टास्क ऑपरेटिंग सिस्टम से थोड़ा ज्यादा काम  कर सकता है। मल्टी टास्क में आप एक समय में गाना भी सुन सकते हो और इंटरनेट भी चला सकते हो इसमें आप एक से अधिक प्रोग्राम को ओपन कर सकते पर काम तो केवल एक ही प्रोग्राम पर करोगे और एक आदमी एक समय पर काम कर सकता है।एक सिंगल टास्क ऑपरेटिंग सिस्टम इसी काम को नहीं  कर सकता इसलिए मल्टीटास्क आया।

Multi-User Operating System  

देखिये मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम में क्या होता है की एक ही कंप्यूटर को एक नेटवर्क में multiple लोग अपने अपने कंप्यूटर पर बैठ कर उस मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कंप्यूटर को एक्सेस कर सकते है और जो भी resourse उस कंप्यूटर से शेयर है उसका उपयोग कर सकते है। मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ उदहारण इस तरह है Unix ,Virtual Memory Share (VMS) और मेनफ़्रेम OS . इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम सर्वर पर उपयोग किये जाते है। 

काम के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार 

काम के आधार पर भी ऑपरेटिंग सिस्टम को 2 भागो में बाटा गया है - CLI (Command Line Interface ) और  GUI (Graphical User Interface ) आइये अब एक एक को बारी बारी से जानते है। 

1. Command Line Interface (CLI )

कमांड लाइन इंटरफ़ेस का सबसे अच्छा उदहारण CMD जिसको हम लोग कमांड प्रॉम्ट भी कहते है। जैसा की आप जानते है अगर हमको CMD में कुछ भी करना है तो लिख कर करना होता चाहे कॉपी करना हो चाहे डिलीट करना हो सब कुछ लिख कर करते है।  इसी को CLI कहते है जहा पर कोई भी काम हम किसी टर्मिनल में लिख कर कमांड के द्वारा करते है। 

2. ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI )

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है की इसमें आप को सब कुछ ग्रफिकली मिलेगा मतलब आप माउस से भी इनपुट दे सकते और इसमें आपको अपने विंडोज स्क्रीन पर सब एप्लीकेशन के आइकॉन देखने को मिलेगा आज कल के जितने भी ऑपरेटिंग सिस्टम आते है सब के सब ग्राफ़िक यूजर इंटरफ़ेस पर ही आधारित होते है। 

विकास क्रम के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार 

विकास क्रम के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम को कुछ इस प्रकार से बाटा गया है ,

  1. Batch Operating System 
  2. Time-sharing Operating System 
  3. Real-Time OS 
  4. Multiprocessing OS 
  5. Network Operating System 
  6. Distributed OS 
  7. Mobile OS 

बैच ऑपरेटिंग सिस्टम (Batch Operating System ) In Hindi 

अगर हम बात बैच ऑपरेटिंग सिस्टम की करे तो ये जब कंप्यूटर बना था तब उपयोग होता था अब इसका उपयोग न के बराबर हो गया है। ये बहुत स्लो होते है और इसमें जो यूजर होते है वो कंप्यूटर सिस्टम से डायरेक्टली इंटरैक्ट नहीं करते है। इसमें क्या होता है की जो भी यूजर होते है वो अपना जॉब एक पंच कार्ड डिवाइस पर ऑफलाइन बनाते है और फिर इसे कंप्यूटर ओपेरटर को समिट कर देते है। प्रॉसेसिंग को तेज करने के लिए एक तरह के जॉब को एक ग्रुप में बैच कर दते है और फिर इसको रन करा देते है। 

Batch Operating System के Advantage 

  1. एक तरह के जॉब को एक साथ एक ग्रुप में बैच कर दने से प्रोसेसिंग स्पीड तेज मिलती है। 
  2. बैच सिस्टम को मल्टीप्ल यूजर शेयर कर सकते है। 
  3. बैच सिस्टम में आइडियल टाइम बहुत काम होता है। 

Batch Operating System के disadvantage 

  1. इसको डिबग करना काफी मुश्किल है। 
  2. ये महंगा भी होता है। 
  3. अगर कोई जॉब फ़ैल हो जाता है तो बाकि सब जॉब को भी रुकना पड़ेगा। 
  4. यूजर और जॉब के बीच इंटरेक्शन बहुत काम होता है। 

Time Sharing Operating System In Hindi 

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में एक सिस्टम को मल्टीप्ल लोग एक बार में उस पर काम कर सकते है इसको मल्टिटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम भी कहते है। टाइम शेयरिंग या मल्टीटास्किंग मल्टीप्रोग्रॅमिंग का लॉजिकल रूप है। किसी एक प्रोसेसर का समय एक साथ  बहुत लोगो में जब शेयर किया जाता है तो इसको टाइम शेयरिंग कहते है। 

Time-Sharing Operating System के Advantage 

  1. इसमें हमको रिस्पांस टाइम तेज मिलता है। 
  2. CPU का जो आइडियल समय होता उसको काम करता है। 
  3. ढेर सारे लोग एक समय में इसका उपयोग कर सकते है। 
  4. इसमें सॉफ्टवेयर डुप्लीकेशन नहीं होता है। 

Time-Sharing Operating System के disadvantage 

  1. इसमें security से रिलेटेड प्रॉब्लम होने के chance ज्यादा होता है। 
  2. डाटा के कम्युनिकेशन से रिलेटेड भी प्रॉब्लम होता है। 
  3. यह थोड़ा काम रेलिएबल होता है। 

Real Time Operating System In Hindi

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम वो होते है जिनका रिस्पांस टाइम बिलकुल ही कम होता है। रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल वहा होता है जहा पर टाइम requirment बहुत ही strick होता है जैसे की एयर लाइन ट्रैफिक में ,मिसाइल लांच सिस्टम में ,रोबोट में  इन सब  जगहों पर इसका इस्तेमाल होता है। 

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम दो तरह के होते है जो इस तरह से है -

Hard Real-Time Operating System 

ऐसे OS का उपयोग वहा होता है जहा थोड़ा भी रिस्पांस समय में देरी नहीं होनी चाहिए जैसे की आटोमेटिक पैरा सूट या एयर बैग जिनका उपयोग किसी दुर्घटना के केस में जान बचाने के लिए किया जाता है। इन सिस्टम में  वर्चुअल मेमोरी ना के बराबर होती है। 

Soft Real-Time Operating System 

इन ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल वहा किया जाता है जहां पर थोड़ा समय में देरी चलता है। 

Real-Time Operating System के Advantage

  • इसमें सभी डिवाइस का अधिक उपयोग होता है जिससे हमे अधिक आउटपुट भी मिलता है। 
  • इन डिवाइस में किसी भी टास्क का शिफ्टिंग टाइम बहुत काम होता है। 
  • यह उन एप्लीकेशन पर पूरा ध्यान देता है जो चल रहा है जो बाद में प्रोसेस करने है उन पर ध्यान नहीं देता है। 
  • इस तरह के सिस्टम के कोई error नहीं होता है। 
  • ये प्रोग्राम साइज में काफी छोटे होते है। 
  • सिस्टम के इन प्रकार में मेमोरी आवंटन सबसे अच्छा मैनेज किया जाता है

Real-Time Operating System के disadvantage

एक समय में केवल हम बहुत कम टास्क को ही चला सकते है और एरर ना आये इसके लिए ये और एप्लीकेशन पर ध्यान बहुत काम देते है। 
इसके संसाधन काफी महंगे होते है। 
इसके अल्गोरिथम काफी काम्प्लेक्स होते है। 

Multiprocessing Operating System In Hindi 

जैसा की आप जानते है की एक uniprocessor में एक समय में केवल एक टास्क को रन करा सकते है। पर मल्टीप्रोसेस्सोर में एक कंप्यूटर के अंदर हम एक से अधिक प्रोसेसर का उपयोग करते है। जैसा की नाम से ही पता चल रहा है की इसमें ढेर सारे प्रोसेसर लगे रहते है अब जब मल्टीप्ल प्रोसेसर लगे है तो हम मल्टीपल टास्क को एक ही समय में चला सकते है। ये मल्टीप्रोसेस्सोर कंप्यूटर के मेमोरी, कंप्यूटर के बस , और कभी कभी क्लॉक स्पीड को भी आपस में बटते है। 

Network Operating System In Hindi

इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल सर्वर में होता है ,नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम की मदद से हम किसी भी नेटवर्क में जितने भी यूजर होते है उनके डाटा ,ग्रुप ,एप्लीकेशन, सिक्योरिटी और नेटवर्किंग फंक्शन को मैनेज कर सकते है। इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम की मदद से हम किसी भी छोटे नेटवर्क में फाइल,प्रिंटर ,एप्लीकेशन और भी नेटवर्किंग डिवाइस को शेयर कर सकते है। इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। 

Network Operating System के Advantage 

  1. इनका उपयोग बड़े बड़े सर्वर में होता है। 
  2. कोई भी सिक्योरिटी इशू को सर्वर से मैनेज कर सकते है। 
  3. सिस्टम को अपडेट करना और हार्डवेयर को अपग्रेड करना काफी आसान होता है। 
  4. हम सर्वर को अलग अलग लोकेशन और अलग अलग डिवाइस से एक्सेस कर सकते है। 

Network Operating System के Disadvantage 

  1. सर्वर को हमेशा मेन्टेन और up to date रखना पड़ता है। 
  2. सर्वर बहुत महंगे होते है। 
  3. सभी यूजर को एक सेंट्रल डिवाइस पर डाटा के लिए निर्भर रहना पड़ता है। 

Distributed Operating System In Hindi

 इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल बहुत तेजी से हो रहा है वो भी पूरी दुनिया इनका इस्तेमाल कर रही है। डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिग सिस्टम अलग अलग लोकेशन पर उपलब्ध सिस्टम के प्रोसेसर का उपयोग करते है जिससे हमको बहुत तेज स्पीड मिलती है। locus डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम का एक उदहारण है। 

Distributed Operating System के advantage 

  1. इसमें एक सिस्टम किसी दूसरे सिस्टम पर निर्भर नहीं रहता है। 
  2. इसमें रिसोर्स शेयर हो रहा है तो स्पीड भी तेज मिलती है। 
  3. सिस्टम पर लोड काम होता है। 
  4. डाटा प्रोसेसिंग में देरी नहीं होती है। 
  5. इस तरह के सिस्टम को नेटवर्क में आसानी से जोड़ा जा सकता है। 

Distributed Operating System के disadvantage 

  1. अगर मुख्य नेटवर्क फ़ैल हुआ तो सिस्टम एक दूसरे से कम्यूनिकेट नहीं कर पाएंगे। 
  2. इस तरह के सिस्टम आसानी से उपलब्ध नहीं होते है और काफी महंगे भी होते है। 

Mobile Operating System In Hindi 

मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम वो ऑपरेटिंग सिस्टम है जिनका उपयोग मोबाइल डिवाइस में किया जाता है जिसे की स्मार्टफोन में, टेबलेट में और जो स्मार्टवॉच आती है इसका मुख्य उपयोग इन सभी डिवाइस को चलाने के लिए होता है। कुछ बहुत पॉपुलर मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ इस तरह से है - Android ,iOS ,balckbary watchOS और भी है। 

Mobile Operating System के advantage 

  1. यूजर के पास डिवाइस का फुल एक्सेस होता है। 
  2. यूजर के experiance को अच्छा बनता है। 
  3. इसका डेवलपमेंट बहुत आसान होता है। 
  4. इसमें अलग से ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं इनस्टॉल करना 

Mobile Operating System के disadvantage 

  1. अलग अलग ऑपरेटिंग सिस्टम के एप्लीकेशन को बनाने के लिए अलग अलग प्रोगरामिंग लैंग्वेज आनी चाहिए। 
  2. इसके एप्लीकेशन को बनाने में बहुत टाइम लगता है। 
  3. वायरस प्रोटेक्शन बहुत काम रहता है। 
Conclusion 

दोस्तों मुझे पूरा विस्वास है की आप को मेरा ये पोस्ट type of operating system - ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार बहुत ही अच्छा लगा होगा और बहुत कुछ सिखने को मिला होगा। अगर आप को इस पोस्ट के संबन्ध में कुछ भी कहना हो तो मुझे कमेंट कर के बताये और इस पोस्ट को अपने दोस्तों में साथ शेयर करे ताकि उनको भी ये जानकारी मिल सके।

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