IP एड्रेस और MAC एड्रेस में क्या अंतर है ?




IP एड्रेस और MAC एड्रेस में क्या अंतर है ?

दोस्तो स्वागत है आपका Hinditech431.blogspot.com पर आज हम आईपी एड्रेस और मैक एड्रेस क्या होता है और इनमें क्या अन्तर होता है इस बात को जानेंगे. आप को हो सकता है कि आईपी एड्रेस के बारे में पता हो और मैक एड्रेस के बारे में नहीं या फिर मैक एड्रेस के बारे में पता हो आईपी एड्रेस के बारे में नहीं कोई बात नही अगर आप आईपी एड्रेस के बारे में विस्तार से जानकारी लेना चाहते है तो आप मेरे इस पोस्ट को पढ़ सकते है.


आईपी एड्रेस क्या होता है?


अगर हम बात आईपी एड्रेस की करे तो एक LAN में जितने भी device जुड़े होते है उनका आईपी एड्रेस यूनिक होता है मतलब एक आईपी एड्रेस दो device को कभी भी नहीं मिल सकता. और यही बता WAN  पर भी लागू होती है. इसका मतलब यह है कि इंटरनेट से जितने भी देवाइस जुड़े हैं आईपी एड्रेस उस device की एक यूनिक पहचान होती हैं. आईपी एड्रेस कुछ टाइम के बाद बदल जाता है और आपको फिर एक नया आईपी मिल जाता है।

उदहारण के लिए: अगर आप गूगल सर्वर से कुछ रिक्वेस्ट कर रहे जैसे की आप Hinditech431 को ही अपने स्मार्टफोन खोलना चाहते है तो गूगल को आपके आईपी एड्रेस से ही पता चलता है कि ये आदमी इस वेबसाइट को एक्सेस करना चाहता है और फिर गूगल का सर्वर आपके आईपी पर Hinditech431 ब्लॉग को खोलता है।

आईपी एड्रेस के दो क्लास है एक है IPV4 और एक IPV6. IPV4 32 बिट्स का होता है वही IPV6 128 बिट्स का होता है.

IPV4 के कुल पाच क्लास होते है (A,B,C,D,E) और IPV6 क्लास लेस होता है मतलब IPV6 का कोई क्लास नहीं होता है.

MAC ADDRESS क्या होता है?


कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जो internet से या किसी दूसरे device से wire या wirelessly connect हो सकती है उसके पास एक यूनिक एड्रेस होता है जिसे मैक एड्रेस कहते है जो 48 बिट्स का होता है.


मैक एड्रेस एक 12-अंकीय हेक्साडेसिमल संख्या (6-बाइट बाइनरी नंबर) है, जिसे ज्यादातर कोलोन-हेक्साडेसिमल नोटेशन द्वारा दर्शाया जाता है। मैक एड्रेस के पहले 6 अंकों (00:40:96) निर्माता की पहचान करता है, जिसे OUI (Organizational Unique Identifier) कहा जाता है। IEEE पंजीकरण प्राधिकरण समिति इन मैक उपसर्गों को अपने पंजीकृत विक्रेताओं को सौंपती है।
छह अंक Network Interface Controller (NIC) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो निर्माता द्वारा सौंपा गया है।
जैसा कि ऊपर चर्चा की गई है, MAC address को कोलोन-हेक्साडेसिमल नोटेशन द्वारा दर्शाया गया है। लेकिन यह सिर्फ रूपांतरण है, अनिवार्य नहीं है। मैक पते को निम्न में से किसी भी प्रारूप का उपयोग करके दर्शाया जा सकता है -

नोट: कोलन-हेक्साडेसिमल नोटेशन का उपयोग लिनक्स OS द्वारा किया जाता है और Period-separated हेक्साडेसिमल नोटेशन का उपयोग CISCO सिस्टम्स द्वारा किया जाता है।

IP address और MAC address में अन्तर 

1. IPv4 address 32 बिट और IPv 128  बिट का होता हैं और मैक एड्रेस 48 बिट का होता हैं.

2. IP address logical address होता हैं और MAC एड्रेस physical एड्रेस होता हैं.

3. किसी भी डिवाइस की ip एड्रेस को हम कभी भी बदल सकते हैं पर मैक एड्रेस को तभी बदला जा सकता जब हम उस डिवाइस के LAN CARD को ही बदल दे। 

4 . मैक Address को NIC कार्ड के निर्माता द्वारा assign किया जाता है,जबकि आईपी address को नेटवर्क administrator या इंटरनेट 
service provider द्वारा दिया जाता है।

5. IP एड्रेस  किसी नेटवर्क में डिवाइस से कनेक्शन की पहचान करता है। दूसरी ओर, मैक एड्रेस एक नेटवर्क में भाग लेने वाले डिवाइस की पहचान करता है।


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6 Comments

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